मेवाड़ के प्राचीन नाम शिवि, प्राग्वाट, मेदपाट आदि रहे हैं। इस क्षेत्र पर पहले मेद अर्थात् मेर जाति का अधिकार रहने से इसका नाम मेदपाट (मेवाड़) पड़ा।
संसार के अन्य सभी राज्यों के राजवंशों से उदयपुर का राजवंश अधिक प्राचीन है। भगवान रामचंद्र के पुत्र कुश के वंशजों
में से 566 ई. में मेवाड़ में गुहादित्य (गुहिल) नाम का प्रताप राजा हुआ, जिसने गुहिल वंश की नींव डाली। उदयपुर क राजवंश ने तब से लेकर राजस्थान के निर्माण तक इसी प्रदेश पर राज्य किया। इतने अधिक समय तक एक ही प्रदेश राज्य करने वाला संसार में एकमात्र यही राजवंश है।




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